लॉन्ग ड्राइव के दौरान न खोलें कार के कांच, ओवर लोडिंग और लॉन्ग आइडलिंग से बचेंगे तो बढ़ जाएगा कार का माइलेज

अपनी ड्राइविंग स्टाइल में सुधार करना भी बेहद जरूरी है, स्पीड के हिसाब से गियर शिफ्ट करें, ताकि माइलेज के लिए परेशान न होना पड़े
  • सफर के दौरान कार में तय सीटिंग कैपेसिटी से ज्यादा सवारी न बैठाएं
  • ड्राइविंग के तरीके को बेहतर करें, सही समय पर गियर-क्लच-ब्रेक इस्तेमाल करें

अक्सर हम अपनी कार के माइलेज को लेकर परेशान रहते हैं। क्योंकि कंपनी की तरफ से जो माइलेज (ARAI सर्टिफाइड) क्लेम किया जाता है, वो रियल लाइफ में नहीं मिल पाता। तमाम कोशिशों के बाद भी हमे कंपनी द्वारा क्लेम किया गया माइलेज नहीं मिल पाता। तो क्या सावधानियां बरते या कार ड्राइव करते समय किन बातों का ध्यान रखे ताकि गाड़ी बेहतर माइलेज दें, यह जानने के लिए हमने एक्सपर्ट से बात की। जानिए, एक्सपर्ट्स के बताए महत्वपूर्ण टिप्स…

1. हाईवे पर ड्राइव के दौरान कार के कांच बंद रखे

लॉन्ग ड्राइव के दौरान हाइवे पर कार की स्पीड थोड़ी ज्यादा होती है। ऐसे में कार के चारों कांच बंद कर लें ताकि कार के कम्पार्टमेंट में हवा न घुसे। होता यह है कार के कांच खुले रहने पर कार के अंदर हवा जाएगा और विपरित दिशा में फोर्स लगाएगी, जिसके कार को रफ्तार बनाए रखने के लिए और इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ेगी और इसका असर कार के माइलेज पर पड़ेगा।

2. रश ड्राइव और ओवर स्पीडिंग से बचे

कहना का मतलब यह है कि गियर-क्लच और एक्सीलेरेटर का तालमेल सही होना चाहिए। स्पीड और जरूरत के हिसाब से गियर शिफ्ट करें। कई लोग पहले गियर में ही ज्यादा एक्सीलेरेटर दे देते हैं तो कई ब्रेकर के पास आने पर एक दम से ब्रेक लगाते हैं, ऐसे में अच्छा माइलेज की उम्मीद नहीं की जा सकती है क्योंकि इससे न सिर्फ माइलेज ड्रॉप होता है बल्कि ब्रेक्स की लाइफ भी खत्म होती है। इसलिए जरूरी है कि अपनी ड्राइविंग टेक्निक को सुधारे, स्पीड के हिसाब से गियर शिफ्ट करें, ताकि माइलेज के लिए परेशान न होना पड़े। बेहतर होगा हाइवे पर 80Kmph की स्पीड मेनटेन करें। एक दम से न ब्रेक लगाएं और न ही एक्सीलेरेशन करें।

3. सर्विस समय पर करवाएं

कार की सर्विस अगर तय शेड्यूल के अनुसार होती रहेगी, तो बेहतर माइलेज मिलने की गुंजाइश बढ़ जाती है। सर्विस के दौरान कार के ऑयल लेवल चेक हो जाता है, खराब होने पर फिल्टर को भी चेंज कर दिया जाता है। एयर फिल्टर और ऑयल फिल्टर साफ-सुथरे होने पर इंजन में सटीक अनुपात में हवा और फ्यूल पहुंचता है, जिससे बेहतर माइलेज मिलता है। फिल्टर्स, वाहन के माइलेज में अहम भुमिका निभाते हैं, क्योंकि खराब फिल्टर की वजह से अगर इंजन में सही अनुपात में फ्यूल-एयर मिक्चर नहीं पहुंचेगा, ऐसे में फ्यूल उतना ही खर्च होगा लेकिन न अच्छा माइलेज मिलेगा न पिकअप। हर 30 हजार किमी. पर कार का स्पार्क प्लग (पेट्रोल गाड़ी के लिए) और हर 20 हजार किमी. पर डीजल फिल्टर बदला दें।

4. टायर प्रेशर और टायर ग्रिप पर विशेष ध्यान

लॉन्ग ड्राइव पर जा रहे हैं तो टायर प्रेशर का विशेष ध्यान रखें। इसके लिए कार की तय स्टैंडर्ड लिमिट के हिसाब से हवा डलवाएं। उदाहरण के तौर पर अगर कम हवा रहेगी, तो गाड़ी भारी चलेगी। दूसरी बात यह की टायर की ग्रिप पर माइलेज का गहरा असर पड़ता है। ग्रिप सही रहेगी को टायर और रोड के बीच मजबूत पकड़ रहेगी।

5. सही पेट्रोल पंप का चुनाव करें

माइलेज में फ्यूल क्वालिटी भी अहम भुमिका निभाता है। अगर फ्यूल क्वालिटी अच्छी नहीं है तो तमाम कोशिशों के बाद भी अच्छा माइलेज नहीं मिलेगा। इसलिए विश्वसनीय पेट्रोल पंप का चुनाव करें और अच्छी क्वालिटी का फ्यूल भरवाएं। बेहतर रिजल्ट के लिए थोड़ा-थोड़ा पेट्रोल भरवाने से अच्छा है, एक बार में फुल टैंक करवा लें। इससे न सिर्फ एवरेज कैलुकेट किया जा सकेगा बल्कि फ्यूल कितना मिल रहा है और कैसा (यानी क्वालिटी) मिल रहा है वो भी पता चल जाएगा। क्योंकि फ्यूल पूरा मिलने पर और अच्छी ड्राइविंग के बाद भी माइलेज न मिले, तो फ्यूल की क्वालिटी के बार में अंदाजा लग जाएगा।

6. कार की लोडिंग कैपेसिटी पर ध्यान दें

बेहतर माइलेज के लिए ओवर लोडिंग से बचना चाहिए। सीटिंग कैपेसिटी के हिसाब से ही कार में सवारी बैठाएं और लोडिंग कैपेसिटी के हिसाब से कार में सामान रखें, बहुत जरूरी सामान ही कार में रखे।

7. जहां जाना हो, वो रूट पहले ही तय कर लें

लॉन्ग पर जा रहे हो या शहर के अंदर ही कही जाना हो, बेहतर होगा कि पहले से ही रूट तय कर लें। इससे न सिर्फ हैवी ट्रैफिक से बचा जा सकेगा बल्कि टाइम भी बचेगा। खुला रासता, ट्रैफिक कम होगा, तो सही स्पीड और सही गियर में गाड़ी चलेगी, जिससे अच्छा माइलेज मिल सकेगा।

8. सिग्नल पर इंजन बंद कर दें, लॉन्ग आइडलिंग से बचे

सिग्नल पर अगर 20 सेकंड़ से ज्यादा रुकते हैं तो इंजन बंद कर देना चाहिए। एक अच्छा ड्राइवर हमेशा इस बात का ख्याल रखता है। इससे न सिर्फ फ्यूल बचेगा बल्कि प्रदूषण पर भी कंट्रोल किया जा सकेगा। हाइब्रिड कारों को बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती, उनमें ये चीज ऑटोमैटिक होती है लेकिन अगर कार हाइब्रिड नहीं है, तो इस बात का विशेष ख्याल रखें। इसे लॉन्ग आइडल भी बोलते हैं, इसका मतलब बिना एक्सीलेरेशन के इंजन ऑन करके एक ही स्थिति में खड़े रहना, जैसे हम किसी का इंतजार करने के दौरान अक्सर करते हैं।

9. गाड़ी साफ-सुथरी रखें

शेड्यूल सर्विस का समय नहीं भी हुआ हैं, तो भी कार का घर पर या वॉशिंग सेंटर पर धुलवा लें, इससे फायदा यह होगा कि कार के पार्ट्स और टायर बेयरिंग में लगी गंदगी साफ हो जाएगी, टायर फ्री रहेंगे और कार स्मूद चलेगी। कार स्मूद चलेगी तो सीधी सी बात हैं, माइलेज बेहतर मिलेगा।

10. भीड़भाड़ वाली जगह में एसी का उपयोग न करें

भीड़भाड़ वाली जगहों पर कार की रफ्तार कम होती है, इस स्थिति में अगर एसी ऑन कर दिया जाए, तो इंजन पर लोड बढ़ेगा और इसका असर माइलेज पर भी पड़ेगा। हालांकि एसी का इस्तेमाल करने से माइलेज पर असर तो पड़ेगा लेकिन हो सके तो एसी हाइवे पर या रफ्तार तेज होने पर ऑन कर ताकि इंजन की क्षमता पर ज्यादा असर न पड़े। बहुत जरूरत पड़ने पर ही एसी यूज करें। एक जगह खड़े हो तो भी एसी न यूज करें साथ ही ट्रैफिक में एसी यूज न करें, क्योंकि लो-गियर पर एसी यूज करेंगे तो माइलेज पर फर्क पड़ेगा।

सभी टिप्स मारुति सुजुकी के सर्विस मैनेजर मोहम्मद अहमद खान और सर्विस सेंटर संचालक मनप्रीत सिंह से हुई बातचीत के आधार पर