पिछले साल कोरोना की वजह से बिजली दरें नहीं बढ़ाने के बाद छत्तीसगढ़ में इस साल भी बिजली महंगी होने की आशंका नहीं है।

पिछले साल कोरोना की वजह से बिजली दरें नहीं बढ़ाने के बाद छत्तीसगढ़ में इस साल भी बिजली महंगी होने की आशंका नहीं है। वजह ये है कि पाॅवर कंपनी ने वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में फायदा बता दिया है। यानी बिजली कंपनी का जितना खर्च होगा, उससे ज्यादा कमाई की उम्मीद की गई है। यही बजट अनुमान बिजली दरें बढ़ने या नहीं बढ़ने में निर्णायक माना जाता है। पाॅवर कंपनी ने बजट अनुमान शुक्रवार को विद्युत विनियामक आयोग को भेज दिया है, जो हर साल बिजली दरें बढ़ाने का घटाने की घोषणा करता है। अफसरों का कहना है कि पाॅवर कंपनी के फायदे के बजट अनुमान से यह लगभग तय हो गया है कि इस साल भी बिजली की दरें नहीं बढ़ने या बहुत मामूली वृद्धि के ही आसार हैं।

पाॅवर कंपनी का नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2020 से शुरू होगा। कंपनी ने आयोग को जो बजट अनुमान भेजा है, उसके मुताबिक कंपनी को आने वाले साल में 18600 करोड़ रुपए राजस्व मिलने का अनुमान है। इसकी तुलना में बिजली के उत्पादन, ट्रांसमिशन से लेकर वितरण और प्रबंधन इत्यादि में कुल 16580 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। राजस्व ज्यादा और खर्च कम होने का सीधा तात्पर्य यह है कि कंपनी 2020 करोड़ रुपए फायदे में रहेगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग इस आधार पर ही बिजली कंपनी के लिए वर्ष 2021-22 का टैरिफ तय करेगा। इसलिए टैरिफ में वृद्धि की गुंजाइश बहुत ही कम रह गई है। जानकारों का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए उम्मीद है कि आयोग भी टैरिफ में किसी तरह की वृद्धि की अनुशंसा नहीं करेगा, इसकी पूरी संभावना है।

पिछले दो साल में लाभ कम
आयोग को भेजे प्रस्ताव में कंपनी ने यह भी बताया कि 2020-21 में भले ही ज्यादा राजस्व का अनुमान है, लेकिन पिछले दो वित्तीय वर्ष में कंपनी को कम राजस्व मिला है। 2018-19 और 2019-20 में कंपनी को 6054 करोड़ रुपए कम राजस्व मिला है। राजस्व की इस कमी को यदि नए वर्ष के अधिक राजस्व से एडजस्ट भी किया गया, तो कंपनी पर 2 हजार करोड़ रुपए का बोझ बना रहेगा। बिजली दर तय करने में इस संभावना को भी आयोग टटोल सकता है।

समीक्षा के बाद दरें घोषित होंगी
“हमारा 2020-21 का बजट अनुमान 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा फायदे का है। इसे विद्युत विनियामक आयोग को भेज दिया है। तथ्यों की समीक्षा के बाद आयोग जो दरें घोषित करेगा, हम उसे लागू करेंगे।”
-अंकित आनंद, चेयरमैन छत्तीसगढ़ पावर कंपनीज

कंपनियों ने टैरिफ प्लान भेजा
“पाॅवर कंपनियों ने बजट अनुमान के साथ टैरिफ प्लान भेज दिया है। कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर निर्धारित फार्मूले से बिजली की नई दरें घोषित करते हैं। जनसुनवाई भी होगी, लेकिन कंपनियां फायदे में होंगे तो उस आधार पर दरें तय करेंगी।”