ज्ञान की बात: जानिए उस स्पेशल कड़कनाथ के बारे में, जिसे रांची के बाजार में बेच रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों रांची शहर के लोगों को अपने फार्म का आर्गेनिक सब्जी और फल खिला रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बड़े स्तर पर कड़कनाक मुर्गे को पालने और बेचने की योजना तैयार की है। क्रिकेट के मैदान में अपनी शानदार बल्लेबाजी और चतुर कप्तानी से लोगों का दिल जीतने वाले महेंद्र सिंह धोनी अब रांची के बाजार में स्पेशल ब्रीड वाले मुर्गे को बेचने जा रहे हैं। बता दें कि इस मुर्गे का मांस अन्य मांसों से काफी अलग होता है।

 

ऐसा माना जाता है कि कड़कनाथ चिकन में प्रोटीन काफी मात्रा में होता है। इस मुर्गे की हड्डी और मांस का रंग भी अन्य मुर्गों से अलग होता है। इन वजहों से ये स्पेशल ब्रीड वाले मुर्गे बाजार में आम चिकन की तुलना में महंगा बिकते हैं। कड़कनाथ चिकेन का बाजार में दाम 600 रुपये से 1,000 रुपये किलो होता है। इस मुर्गे को जीआई टैग भी मिल चुका है।

 

बता दें कि कड़कनाथ मुर्गे का जीआई टैग मध्यप्रदेश सरकार के पास है। करीब 3 साल पहले राज्य सरकार ने इसका जीआई टैग हासिल किया था। देशभर में इस मुर्गे के दीवाने लगातार बढ़ रहे हैं। इस स्पेशल ब्रीड वाले मुर्गे की झारखंड में भी अच्छी डिमांड है, जिसे देखते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान धोनी ने इस ब्रीड को अपने फार्म हाउस में पालने की योजना पर काम शुरू कर दिया। महेंद्र सिंह धोनी के वजह से मुर्गे की ये ब्रीड एक बार फिर चर्चे में है।

कड़कनाथ चिकन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। इसमें 18 तरह के आवश्यक अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं। इसके चिकन में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी और ई की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। यह औषधि के रुप में नर्वस डिसऑर्डर को ठीक करने के काम में भी आता है। इस चिकन के सेवन से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं।

 

कड़कनाथ को मध्य प्रदेश और बस्तर के आदिवासी लोग पालते थे। मुर्गे के इस ब्रीड को आदिवासी लोग पवित्र मानते थे। दीवाली के बाद देवी के सामने इसकी बलि देकर इसे खाने का रिवाज रहा है। आमतौर पर इस मुर्गे की तीन प्रजातियां हैं – जेट ब्लैक, गोल्डन ब्लैक और पेसिल्ड ब्लैक। इस स्पेशल ब्रीड के मुर्गे का वजन 1.8 किलो से 2 किलो, तो मुर्गी का वजन 1.2 किलो से 1.5 किलो होता है।