68.41% मतदान के साथ 123 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद

  • छत्तीसगढ़ में अंतिम चरण में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा व सरगुजा सीट के लिए डाले गए वोट
  • रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र में पशु चिकित्सालय में बने पोलिंग बूथ क्रमांक 32 में मतदान करने पहुंची महिला की मौत
  • नक्सलियों ने सरगुजा लोकसभा के बलरामपुर जिले में मतदाताओं को डराने के लिए आईईडी विस्फोट किया

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मंगलवार को हुए तीसरे व अंतिम चरण के मतदान में 67.91 फीसदी वोटिंग हुई। हालांकि इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। मतदान के दौरान नक्सलियों ने मतदाताओं को रोकने के लिए बलरामपुर में आईईडी विस्फोट किया। रायगढ़ में मतदान के दौरान महिला की मौत हो गई। जहां मुंगेली की लोरमी विधानसभा के ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव का बहिष्कार किया। वहीं के एक परिवार ने नजीर पेश करते हुए सुबह हुई बेटे की मौत के बावजूद दोपहर में जाकर मतदान किया। वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान प्रदेश में कुल 69.39 प्रतिशत मतदान हुआ था।

बूथ पर सबसे पहले पहुंची महिलाएं बुजुर्गों और दिव्यांगजनों में रहा सबसे ज्यादा उत्साह 

प्रदेश की सात लोकसभा सीटों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा व सरगुजा के लिए मतदान हुआ। सुबह 7 बजे से मतदान का समय था, लेकिन मतदाताओं की लाइन उससे पहले ही बूथ पर लग गई। सबसे ज्यादा उत्साह बुजुर्गों और दिव्यांगजनों में रहा। बूथ पर मतदान के लिए पहुंचने वाली सबसे पहले महिलाएं रहीं। हालांकि प्रदेश में कई स्थानों पर ईवीएम व वीवीपैट मशीन ने धोखा दिया। जिसके चलते मतदान करने आए लोग घंटों इंतजार करते रहे, वहीं तमाम मतदाता तेज धूप में खड़े होने के चलते भी लौट गए।

सिस्टम की लापरवाही से बच्चे की मौत

रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के पशु चिकित्सालय में बने पोलिंग बूथ क्रमांक 32 में सिस्टम की लापरवाही के चलते मतदान करने गई महिला एंजला टोप्पो की मौत हो गई। एंजेला अपने पांच माह के बच्चे के साथ मतदान करने के लिए लाइन में लगी थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया। आरोप है कि 108 को कॉल किया गया, लेकिन आधे घंटे तक वो नहीं पहुंची। इस पर पीसीआर वैन से मेकाहारा ले गए, पर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि एंजला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। एंजेला के पति आरक्षक रणधीर टोप्पो पुलिस लाइन में पदस्थ है।

एक ओर चुनाव बहिष्कार, वहीं बेटे की मौत के बाद भी मतदान

बिलासपुर लोकसभा के मुंगेली जिले की लोरमी में ही मतदान के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। एक ओर ग्राम पंचायत डूमरहा में शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार, पीएम आवास में गड़बड़ी, बदहाल सड़क की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। वहीं दूसरी ओर लोरमी में ही टेकनपारा गांव में बेटे की मौत होने पर अंतिम संस्कार के बाद परिवार के 15 लोगों ने एक साथ पोलिंग बूथ क्रमांक 205 पर मतदान किया। मुरारी ध्रुव के 16 वर्षीय बेटे अजब ध्रुव की मंगलवार सुबह ही कैंसर से मौत हो गई।

कहीं खराब ईवीएम ने परेशान किया, तो कहीं वोटर लिस्ट से नाम ही गायब

प्रदेश में हुए अंतिम चरण के मतदान में लोगों को ईवीएम ने खूब परेशान किया। मतदान शुरू होते ही रायपुर से लेकर रायगढ़ तक ईवीएम के खराब होने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो मतदान खत्म होने तक जारी रहा। इसके चलते घंटों इंतजार कर रहे लोगों ने गुस्सा भी जाहिर किया। वहीं मतदान लिस्ट में गड़बड़ी के कई मामले रायपुर, जशपुर और बेमेतरा में सामने आए। वोट डालने पहुंचे जीवित व्यक्ति को मृत बताकर लौटा दिया गया। बेमेतरा में तो 9 लोग वोट डालने से वंचित रह गए। मतदान करने पहुंचे तो बताया गया कि वो मृत हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में सभी ने मतदान किया था।

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